चड़स
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चड़स संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चरस] दे॰ 'चरस' । उ॰—अलक डोरि तिल चड़स वो निरमल चिबुक निवाँण । सींचै नित माली समर प्रेम बाग पहचाँण ।—बाँकी॰, ग्रं॰, भा॰, ३, पृ॰ ३६ ।
चड़स संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चरस] दे॰ 'चरस' । उ॰—अलक डोरि तिल चड़स वो निरमल चिबुक निवाँण । सींचै नित माली समर प्रेम बाग पहचाँण ।—बाँकी॰, ग्रं॰, भा॰, ३, पृ॰ ३६ ।