चतुरंगी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चतुरंगी पु वि॰ [सं॰ चतुरङ्गिन्]
१. जिसकी गति चारो ओर हो ।
२. चतुर । उ॰— चित्रनहारे चित्रि तूं रे चतुरंगी नाह । का चहुआन सु कित्ति कवि मन मनुछत्र हरि लाह ।—पृ॰, रा॰, १ । ७६६ ।