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चतुरई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चतुरई † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ चतुराई] चतुरता । चतुराई । क्रि॰ प्र॰—करना ।—दिखाना ।—सीखना । मुहा॰—चतुरई छोलना = चालाकी करना । धोखा देना । उ॰— जाहु चले गुन प्रकट सूर प्रभु कहाँ चतुरई छोलत हैं ।—सूर (शब्द॰) । चतुराई तौलना = चालाकी करना । उ॰—बहु- नायकी आजु मैं जानी कहा चतुरई तौलत हों ।—सूर (शब्द॰) ।