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चतुष्कर्ण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चतुष्कर्ण वि॰ [सं॰]

१. (बात) जिसे दो आदमी जानते हों ।

२. (बात) जो गुप्त न हो (को॰) ।