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चतुस्सूत्री

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चतुस्सूत्री संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] व्यासदेव कृत वेदांत के पहले चार सूत्र जो बहुत कठिन हैं और जिनपर भाष्यकारों का बहुत कुछ मतभेद है । चतुः सूत्रों पर आचार्य शंकर का भाष्य सर्व प्रिसिद्ध है । ये चारों सूत्र पढ़ने के लिये लोग प्रायः बहुत अधिक परिश्रम करते हैं ।