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चमरख

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चमरख ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ चाम + रक्षा] मूँज या चमड़े की बनी हुई चकती जो चरखे के आगे की ओर छोटी पिढ़ई के आस पास की खूँटियों में लगी रहती है और जिसमें से होकर तकला या तेकुला घूमता है । चरखे की गुड़ियों में लगाने की चकती । उ॰—(क) एक टका कै चरखा बनावल ढेवुवहिं टेकुआ चमरख लाबल ।—कबीर (शब्द॰) । (ख) और कुबड़ी कमर हो गई सिर हो गया दगला । मुँह सूख कै चमरख हुआ तुम हो गया तकला ।—नजीर (शब्द॰) ।

चमरख ^२ वि॰ स्त्री॰ दुबली पतली (स्त्री) । जैसे,—वह तो सूखकर चमरख हो गई है ।