चमरशिखा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चमरशिखा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ चमार + शिखा] घोड़ों की कलँगी । उ॰—जबहि रास ढीली मैं कीनी । तानि देह अगली इन लीनी । चलत कनौती लई दबाई । चमरशिखा हूँ हलन न पाई ।—लक्ष्मण (शब्द॰) ।