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चरजना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चरजना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ चर्चन]

१. बहकावा या भुलावा देना । बहाली देना । उ॰—चंचला चमाकैं चहुँ औरन ते चाय भरी, चरज गई ती फेर चरजन लागी री ।—पद्माकर (शब्द॰) ।

२. अनुमान करना । अंदाज लगाना । उ॰—अरज गरज सुनि चरजि चित्त महँ हरज मरज बरकाई ।—रघुराज (शब्द॰) ।