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चरणकरणानुयोग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चरणकरणानुयोग संज्ञा पुं॰ [सं॰] जैन साहित्य में वे ग्रंथ आदि जिसमें किसी के चरित्र पर बहुत ही सूक्ष्म रूप से विचार या व्याख्या की गई हो ।