चराकी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चराकी संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चराक (= चिराग) ] रोशनी करना । प्रकाश करना । उ॰—शेष नाग सेवा करै चंद्र पूरै चराकी । लेखण वाके हाथ है कछू काढ़त वाकी ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ ४६ ।
चराकी संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चराक (= चिराग) ] रोशनी करना । प्रकाश करना । उ॰—शेष नाग सेवा करै चंद्र पूरै चराकी । लेखण वाके हाथ है कछू काढ़त वाकी ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ ४६ ।