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चर्राना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चर्राना क्रि॰ अ॰ [अनु॰]

१. लकड़ी आदि का टूटने या तडकने के समय चर चर शब्द करना ।

२. शरीर के थोड़ा छिल जाने या घाव पर जमी हुई पपड़ी आदि के उखड़ जाने के कारण खुजली या सुरसुरी मिली हुई हलकी पीड़ा होना ।

३. खुश्की और रुखाई के कारण (जैसा प्राय: जाड़े में होता है) किसी अंग में तनाव ओर हलकी पीड़ा होना । जैसे —बहुत दिनों सें तेल नहीं लगाया, इससे बदन चर्राता है ।

४. किसी बात की वेगपूर्ण इच्छा होना । किसी बात की आवश्यकता से अधिक और बेमौके चाह होना । जैसे,— शौक चर्राना, मुहव्बत चर्राना ।