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चर्वण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चर्वण संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ चर्व्य]

१. किसी चीज को मुँह में रखकर दाँतों से बराबर तो़ड़ने की क्रिया । चबाना ।

२. वह वस्तु जो चबाई जाय ।

३. भुना हुआ दाना आदि जो चबाकर खाया जाता है । चबैना । बहुरी । दाना ।

४. आस्वादन (को॰) ।

५. रसास्वादन [को॰] ।