चलित्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चलित्र ^१पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ चरित्र] दे॰ 'चरित' या 'चरित्र' । उ॰—आगे चले चलित्र अनंता । पंचि गुणाँ का किया सथंता ।—प्राण॰, पृ॰ ४२ ।
चलित्र ^२ वि॰ [सं॰] अपनी ही शक्ति से चलनेवाला ।