चहल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चहल ^१ संज्ञा स्त्री॰ [अनु॰]
१. कीचड़ । कीच । कर्दम । उ॰— चहचही चहल चहूँ घा चारु चंदन की चंदक चुनीन चौक चौकनि चढ़ी है आब ।—पद्याकर ग्रं॰, पृ॰ १२५ ।
२. कीचड़ मिली हुई कड़ी चिकनी मिट्टी की जमीन जिसनें बिना हल चलाए जोताई होती है ।
चहल ^२पु † वि॰ [फा॰ चिहिल] चालीस । जैसे,—चहल्लुम में चहल । उ॰—कहे हैं बाजरूरत ता चहल माल परियाँ कूँ ही समज बेलाड़ का हाल ।—दक्खिनी॰ पृ॰ १७९ ।