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चाढ़ा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चाढ़ा पु † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चाढ़] [स्त्री॰ चाढ़ी]

१. प्रेमपात्र । प्यार । प्रिय । उ॰—धन्य धन्य भक्तन के चाढे ।—सूर (शब्द॰) ।

२. चाहनेवाला । प्रेमी । आशिक । आसक्त । उ॰—(क) तुम हम पर रिस करति हौ हम हैं तुव चाढे़ । निठुर भई हौं लड़िली कब के हम ठाढे़ ।—सूर (शब्द॰) (ख) दिन खोरी भोरी अति कोरी देखत ही जु श्याम भए चाढे़ ।—सूर (शब्द॰) ।