सामग्री पर जाएँ

चातकनी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

चातकनी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ चातक + हिं॰ नी (प्रत्य॰)] चातकी । पपीहरी । उ॰—मैं न चाहती तब वह हार, करे, जननि ! मेरा श्रृंगार । पर मैं ही चातकनी बनकर तुझे पुकारूँ बारंबार ।—पल्लव, पृ॰ १०१ ।