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चातुर्भद्रावलेह

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चातुर्भद्रावलेह संज्ञा पुं॰ [सं॰] वैद्यक का एक प्रसिद्ध अवलेह जो जायफल, पुष्करमूल, काकड़ासिंगी और पीपल के एक साथ पीसकर शहद मिलने से बनाता है । चौहद्दी । विशेष—यह अवलेह श्वास, कास, अतीसार और ज्वर से उपकारी होता है और बच्चों के बहुत दिया जाता है ।