चातृंगि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चातृंगि पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ चातक] दे॰ 'चातक' । उ॰—उक्कंवी सिर हथ्थड़ा, चाहंती रस लुब्ध । ऊँची चढ़ि चातृंगि जिउँ मागि निहालइ मुध्ध ।—ढोला॰, दू॰ १६ ।
चातृंगि पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ चातक] दे॰ 'चातक' । उ॰—उक्कंवी सिर हथ्थड़ा, चाहंती रस लुब्ध । ऊँची चढ़ि चातृंगि जिउँ मागि निहालइ मुध्ध ।—ढोला॰, दू॰ १६ ।