चानक
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चानक ^१—पु क्रि॰ वि॰ [हिं॰ अचानक] अचानक । सहसा । अकस्मात । उ॰—हरिनी जनु चानक जाल परी जनु सोन चिरी अबहीं पकरी ।—गुमान (शब्द॰) ।
चानक ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] गहरी चाह । प्रेम । चाव । उ॰—मूरति अनुप एक आय कै अचानक मैं चानक लगाय अजों हिय को हरति है ।—दीन, ग्रं॰, पृ॰ १० ।