चापक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चापक संज्ञा पुं॰ [सं॰ चाप + क] धनुष । उ॰—लखिन बतिस बहुतरि कला बाल बेस पूरन सगुन । क्रिड़त गिलोल जब लाल कर (तब) मार जानि चापक सुमन ।—पृ॰ रा॰ १ । ७२७ ।
चापक संज्ञा पुं॰ [सं॰ चाप + क] धनुष । उ॰—लखिन बतिस बहुतरि कला बाल बेस पूरन सगुन । क्रिड़त गिलोल जब लाल कर (तब) मार जानि चापक सुमन ।—पृ॰ रा॰ १ । ७२७ ।