सामग्री पर जाएँ

चारमेख

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

चारमेख संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ चार +फ़ा॰ सेख ] एक प्रकार का दंड़ जिसका मध्यकाल में प्रचलन था । इसमें अपराधी को लिटाकर उसके हाथ तथा पैर चार खूँटी में बाँध दिए जाते थे ।