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चारवात

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चारवात संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] [हिं॰ चार +बात] चौवाई । चक्रवात । उ॰— आती जग की छवि स्वर्ण प्रात, स्वप्नों की नभ सी रजत रात । भरती दश दिशि को चारवात, तुझमें बन वन की सुरभी साँस ।—ग्राम्या, पृ॰ १०४ ।