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चारस

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चारस पु वि॰ [हिं॰] चार । चारों । उ॰— लिपंत रूप नारसं । वदंत वेद चारस । अरुन्न तेज उग्गयं । मरक्कि देव भग्गयं ।—पृ॰ रा॰, २ ।१७६ ।