चिटकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चिटकना क्रि॰ अ॰ [अनु॰]
१. सूखकर जगह जगह पर फटना । खरा होकर दरकना । रुखाई के कारण ऊपरी सतह में दराज पड़ना । जैसे,—चौकी धूप में मत रखो, चिटक जायगी ।
२. गठीली लकड़ी आदि का जलते समय 'चिट चिट' शब्द करना ।
३. चिढना । चिड़चिड़ाना । बिगड़ना । जैसे, तुम्हें तो मैं कुछ कहता नहीं, तुम क्यों चिटकते हो ?
४. शीशे आदि का फूटना
५. शुष्क होना । सूखना । उ॰—सूखे ओठ गला, चिटका, मुख लटका प्राण पियासे ।—क्वासि, पृ॰ ७१ ।