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चित्रपदा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चित्रपदा संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का छंद जिसके प्रत्येक चरण में २ भगण और २ गुरु होते हैं । जैसे,—रूपहिं देखत मोहैं । ईश कहौ नर को हैं । संभ्रम चित्त अरूझै । रामहिं यों सब बूझै ।—केशव (शब्द॰) ।

२. मैना चिड़िया । सारिका ।

३. लजालू नाम की लता । छुईमुई लजाधुर ।