चिनक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चिनक संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चिनगी]
१. जलन लिए हुए पीड़ा । चुनचु- नाहट ।
२. मूत्रनाली की जलन या पीड़ा जो सुजाक में होती है । क्रि॰ प्र॰—उठना ।— होना ।
चिनक संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चिनगी]
१. जलन लिए हुए पीड़ा । चुनचु- नाहट ।
२. मूत्रनाली की जलन या पीड़ा जो सुजाक में होती है । क्रि॰ प्र॰—उठना ।— होना ।