चुचाना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चुचाना क्रि॰ अ॰ [सं॰ च्यवन] कण कण या बूँद बूँद करके निकालना । चूना । टपकना । रसना । निचुडना । गरना । ('चूना' या 'टपकना' क्रिया के समान इसका प्रयोग भी टपकनेवाली वस्तु (जैसे, पानी) तथा जिसमें से टपके (जैसे, घर) दोनों के लिये होता है ।) उ॰—(क) अकुलित ज े पुलकित गात । अनुराग नैन चुचात । — सूर (शब्द॰) । (ख) बाल भाव जिय में सुध आई अस्तन चले चुचाय । — सूर (शब्द॰) (ग) चौगुनो रंग चढो चित मैं चुनरी के चुचात लला के निचोरत ।— देव (शब्द॰) ।