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चुमचाम

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चुमचाम संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ चूमा से विरुद्ध स्वर द्विरुक्त] चूमना । सहलाना । प्यार दिखाना । उ॰— छू मत तू प्रणय गान जिसके उलझे वितान । मादक, मोहक, मलीन चूमचाम की लुभान । कर न मुझे चाहक्रीत, एक गीत, एक गीत ।— हिम॰ पृ॰ ६० ।