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चुरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चुरी पु † ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ चूड़ी] दे॰ 'चूड़ी' । उ॰— (क) किंकिनी कटि कुनित कंकन कर चुरी झनकार । हृदय चौकी चमकि बैठी सुभग मोतिन हार ।—सूर (शब्द॰) । (ख) घर घर हिंदुनि तुरुकिनी देति असीस सराहि । पतिन राखि चादर, चुरी चै राखी जयसाहि ।—बिहारी (शब्द॰) ।