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चुलियाला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चुलियाला संज्ञा पुं॰ [? अथवा देश॰] एक मात्रिक छंद का नाम जिसमें १३ और १६ के विश्राम से २९ मात्राएँ होती हैं । इसके अंत में एक जगण और एक लघु होता है । विशेष—दोहे के अंत में एक जगण और एक लघु रखने से यह छंद सिद्ध होता है । कोई इसके दो और कोई चार पद मानते हैं । जो दो पद मानते हैं; वे दोहे के अंत में एक जगण और एक लघु रखते हैं । जो चार पद मानने हैं, वे दोहे के अंत में एक यगण रखते हैं । जैसे,—(क) मेरी बिनती मानि कै हरि जू देखो नेक दया करि । नाहीं तुम्हारी जात है दुख हरिवे की टेक सदा कर (ख) हरि प्रभु माधव बीर बर मन मोहन गोपति अविनासी । कर मुरलीधर धीर नरबरदायक काटत भव फाँसो । जम बिपदाहर राम प्रिय मन भावन संतन घटबासी । अब मम ओर निहारि दुख दारिद हटि कीने सुखरासी ।