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चेष्टावल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चेष्टावल संज्ञा पुं॰ [सं॰] फलित ज्योतिष में ग्रहों का विशेष गति या स्थिति के अनुसार अधिक बलवान् हो जाना । जैसे, उत्तरा- यण में सूर्य या वक्रगामी मंगल अथवा चंद्रमा के साथ संयुक्त कोई ग्रह । इससे ग्रह का शुभ या अशुभ फल बढ जाता है ।