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चौँरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चौँरी संज्ञा स्त्री॰ [ हिं॰ चामर, हिं॰ चौंर+ ई (प्रत्य॰)]

१. काठ की डांडी में लगा हुआ घोडे की पूँछ के बालों का गुच्छा जो मक्खियाँ उडाने के काम में आता है । घोडे के सवार इसे प्राय: अपने पास रखते हैं ।

२. वहडोरी जिससे स्त्रीयाँ सिर के बाल गूँथकर बाँधती है । चोटी या वेणी बाँधने की डोरी । उ॰— चौँरी डोरी विगलीत केश । झूमत लटकत मुकुट सुदेश ।—सूर (शब्द॰) ।

३. सफेद पूँछवाली गाय ।

४. सुरा गाय ।

५. किसी चीज के आगे लटकनेवाला फुँदना ।