चौगोड़िया
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चौगोड़िया संज्ञा स्त्री॰ [ हिं॰ चौ (= चोर) + गोड (= पैर)]
१. एक प्रकार की ऊंची चौकी जिसके पायों में चढने में लिये सीढी की तरह डंडे लगे रहते हैं । टिकटि । विशेष—यह छत, दिवार आदि ऊँचे स्थानों तक पहुँचने, झा़डने पोंछने, सफेदी या रंग आदि करने के लिये काम में आती है ।
२. बाँस की तीलियों का बना हुआ एक ढाँचा या फंदा जिसके चारों पल्लों में तेल पकाया हुआ पीपल का गोंद लगा रहता है । विशेष—बहेलिए इससे चिडिया फँसाते हैं । †
३. मेंढक । मंडूक ।