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चौघड़ा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चौघड़ा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चौ (=चार)+घर (=खाना)]

१. चाँदी सोने आदि का बना हुआ एक प्रकार का डिब्बा जिसमें चार खाने बने रहते हैं । विशेष— यह कई आकार के बनते हैं । विशेषत: गोल होता है और खाने फूल की पँखुडी के आकार के बनाए जाते हैं । इन खानों में इलायची, लौंग, जावित्री, सुपारी इत्यादि भरकर महफिलों में रखते हैं ।

२. चार खानों का बरतन जिसमें मसाला आदि रखते हैं ।

३. दिवाली के दिनों में बिकनेवाला मिट्टी का एक खिलौना जिसमें आपस में जुडी हुई चार छोटी छोटी कुल्हियाँ होती है । लड़के इसमें मिठाई आदि रखकर खाते हैं ।

४. पत्ते की खोंगी जिसमें चार बीडे पान हों । जैसे,—दो चौघडे़ उधर दे आओ ।

५. बडी जाति की गुजराती इलायची ।

६. एक प्रकार का बाजा । चौडोल । उ॰— सौ तुषार तेइस गज पावा । दुंदुभि औ चौघडा दियावा ।—जायसी (शब्द॰) ।