चौचंद
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]चौचंद पु † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चौथ+चंद या चबाव+चंड ]
१. कलंक- सूचक अपवाद । बदनामी की चर्चा । निंदा । उ॰— सखि ! हौ वा रँगीले रंगी रंगी ये चबाइनै चौचंद कीबो करै ।—श्रृं॰ सत॰ (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना । मुहा॰—चौचंद पारना = चबाव करना । बदनामी करना ।
२. शोर । उ॰— चित्त चोपन चाह के चौचंद मैं हहराय हिराय के हारि परौं ।—घनानँद॰ पृ॰ २६ ।