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छहरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छहरना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ क्षरण, प्रा॰ खरण, छरण अथवा देश॰] छितराना । बिखरना । छिटकना । फैलना । उ॰—(क) छवि केसरि की छहरै तन तें कढ़ि बाहर से तन चोलिन पै ।— सुंदरीसर्वस्व (शब्द॰) । (ख) जनु इंदु उयो अव नीतल ते चहुँ ओर छटा छबि की छहरी ।—सुंदरीसर्वस्व (शब्द॰) ।

छहरना ^१पु क्रि॰ अ॰ क्षरण, हिं॰ छहरना अथवा हिं॰ छहरना का प्रे॰ रूप] छितराना । बिखरना । चारों ओर फैलना । उ॰—(क) कंचुकि चूर चूर भइ तानी । टूटे हार मौति छहरानी ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) नीरज तें कढ़ि नीर नदी छबि छीजत छोरधि पै छहरानी । (ग) जेहि पहिरे छगुनी अरी, छिगुनी छबि छ़हराहिं (शब्द॰) ।