छाँहगीर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]छाँहगीर संज्ञा पुं॰ [हिं॰ छाँह + फा़॰ गीर]
१. छत्र । राजछत्र । उ॰—उयो सरद राका ससी करति क्यों न चित चेत । मनों मदन छितिपाल की छाँहगीर छबि देत ।—बिहारी (शब्द॰)
२. दर्पण । आइना ।
३. छड़ी के सिरे पर बँधा हुआ एक आइना जिसके चारों ओर पान के आकार की किरनें लगी रहती हैं और जो विवाह में दुलहे के साथ आसा आदि की तरह चलता है ।