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छानि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छानि पु, छाँनी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ छादन, हिं॰ छान]

१. ईख कें रस की नाँद के ऊपर का ढक्कन जो सरकंडे या बाँस की पतली फट्टियों का बनता है ।

२. छान । छप्पर । उ॰—(क) कलि मैं नामा प्रकट ताकि छानि छबावै ।—सूर॰, १ ।४ । (ख) या घर में हरि सो बिसरे सु तू वारि दे वाघरु बार ते बोरे । छानि बरेडि ओ पाट पछीनि मयारि कहा किहि काम के कोरे ।—अकबरी॰, पृ॰ ३५४ ।