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छाहाँगीर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छाहाँगीर †पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ छाह + फा़॰ गीर (प्रत्य॰)] छत्र । छाता । उ॰—मुकुट कौ छाहाँगीर कियै ब्रजनिधि । ठाढ़ो, मुख की छटा की छबि छाकनि छकै रह्यौ ।—ब्रज॰ ग्रं॰, पृ॰ १४७ ।