छिकनी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]छिकनी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ छिक्कनी] एक प्रकार की बहुत छोटी घास या बूटी का फूल जिसे सूँघने से छींक आती है । विशेष—यह जमीन ही पर फैलती है, ऊपर नहीं बढ़ती । इसमें छोटी छोटी घुड़ियों की तरह के मूँग के दाने के बराबर गोल फूल लगते हैं जिन्हें सूँघने से बहुत छींक आती हैं यह घास प्रायः ऐसे स्थानों पर अधिक होती है जहाँ कुछदिनों तक पानी जमा रहकर सूख गया हो; जैसे छिछलें ताल आदि । यह औषध के काम में आती है और वैद्यक में गरम, रुचिकारक अग्नि दीपक तथा श्वेत कुष्ठ आदि त्वचा क े को दूर करनेवाली मानी जाती है । इसे नकछिकनी भी कहते हैं । पर्या॰—छिक्कनी । क्षवकृत । तीक्ष्ण । उग्रा । उग्रगधा । क्षबक । क्रूरनासा । घ्राणदुःखदा ।