छिकार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]छिकार संज्ञा पुं॰ [सं॰ छिक्कार] दे॰ 'छिक्कार' । उ॰—मिरगो एक पाँच है हरिणी जामें तीन छिकार । अपने अपने रस के लोभी चरत हैं न्यारा न्यार ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ ४२ ।
छिकार संज्ञा पुं॰ [सं॰ छिक्कार] दे॰ 'छिक्कार' । उ॰—मिरगो एक पाँच है हरिणी जामें तीन छिकार । अपने अपने रस के लोभी चरत हैं न्यारा न्यार ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ ४२ ।