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छिदना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छिदना ^१ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ छेदना]

१. छेद से युक्त होना । सूराखदार होना । भिदना । बिंधना । जैसे—इस पतली सुई से यह कागज नहों छिदेगा ।

२. क्षतपूर्ण होना । घायलहोना । जख्मी होना । जैसे,—सारा शरीर तीरों से छिद गया था ।

छिदना ^२ क्रि॰ स॰

१. थाम लेना । सहारे के लिये पकड़ा लेना ।

२. छेदना । छेद करना । उ॰—लटनि तैं चुवति जु जलकन जोती । जनु ससि छिदि छिदि डारत मोती । —नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २९८ ।

छिदना ^३ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ छन्द(=नियंत्रण)] वरच्छा । फलदान । मँगनी ।