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छिद्रता

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छिद्रता संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ छिद्र + ता प्रत्य॰] कलंक । दोष । हीनता । उ॰—समुँद खार गंगा गदल, जल गुनवंता सीत । रवी तेज ससि छिद्रता, दरिया संता रीत । —दरिया॰ बानी, पृ॰ ३९ ।