छिपाना

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

छिपाना क्रि॰ स॰ [सं॰ क्षिप + डालना] [संज्ञा छिपाव]

१. आवरण या ओट में करना । ऐसी स्थिति में करना जिसमें किसी को दिखाई न पड़े या पता न चले । ढाँकना । आड़ में करना । दृष्टि से ओझल करना । गोपन करना ।

२. प्रकट न करना । सूचित न करना । गुप्त रखना । जैसे, बात छिपाना, दोष छिपाना ।