छिप्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]छिप्र ^१पु क्रि॰ वि॰ [सं॰ क्षिप्र] दे॰ 'क्षिप्र' । उ॰—सत्त सेर नृप लोह मगाँयव । लोहकार दह छिप्र बुलायव ।—प॰ रासो, पृ॰ ३ ।
छिप्र ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ क्षिप्र] एक मर्म स्थान जो पैर के अँगठे और उसके पास की उँगलियों के बीच में होता है ।