छीँटा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]छीँटा संज्ञा पुं॰ [सं॰ क्षिप्त, प्रा॰ छित्त, हिं॰ छींटना]
१. पानी (या और किसी द्रव पदार्थ ) की महीन बूँद जो पानी को उछालने या जोर से फेंकने से इधर उधर पडे़ । जलकण । सीकर । क्रि॰ प्र॰—उड़ना ।—पड़ना । यौ॰—छींटा गोला = तोप का गोला, जिसके भीतर बहुत सी छोटी छोटी गोलियाँ या कील काँटे आदि भरे होते हैं ।
२. महीन महीन बूँदों की हलकी वृष्टि । झडी़ । जैसे,—मेंह का एक छींटा आया था ।
३. किसी द्रव पदार्थ की पड़ी हुई बूँद का चिह्न । जैसे,—इन स्याही के छींटों को धोकर छुडा़ लो ।
४. मदक या चंडू की एक मात्रा । दम ।
५. व्यंगपूर्ण उक्त ि जो किसी को लक्ष्य करके कही गई हो । हलका आक्षेप । छिपा हुआ ताना । क्रि॰ प्र॰—कसना ।—छोड़ना ।—देना । यौ॰—छींटाकसी ।
६. किसी चीज पर पड़ा हुआ कोई छोटा दाग । जैसे,—इस नग पर कुछ छींटे हैं ।