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छीति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छीति पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ क्षति]

१. हानि । घाटा ।

२. बुराई । उ॰—तेरो तन धन रूप महागुन सुंदर श्याम सुनी यह कीति । सु करि सूर जिंहि भाँति रहै पति, जनि बल बाँधि बढ़ाबहु छीति ।—सूर॰, १० ।२७७५ ।