सामग्री पर जाएँ

छुटाना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

छुटाना ^१ † क्रि॰ सं॰ [सं॰ छूट(=काटकर अलग करना)] छुड़ाना । उ॰—(क) तब गज हरि की शरण आयो । सूरदास प्रभु ताहि छुटायो ।—सूर (शब्द॰) । (ख) छुटे छुटावे ं ते सटकारे सुकुमार । मल बाँधत बेनी बधे नील छबीले बार ।—बिहारी (शब्द॰) ।

छुटाना ^२ क्रि॰ अ॰ गाय या भैंस का दूध देना या बंद कर देना ।