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छेवना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छेवना ^१पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ छेना] ताडी ।

छेवना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ छेदन]

१. काटना । छिन्न करना । छिनगाना ।

२. चिन्हित करना । चिन्ह लगाना ।

छेवना ^३पु क्रि॰ स॰ [क्षेपण]

१. फेंकना । मिलाना । उ॰— अंत भयो प्रारब्ध को पायो निश्चल गेह । आतम परमातम मिल्यो देह खेत महँ छेव ।—निश्चल (शब्द॰) ।

२. ऊपर डालना । मुहा॰—जी पर छेवना = अपने ऊपर विपत्ति डालना । जी पर खेलना । उ॰—जो अस कोई जिउ पर छेवा । देवता आइ करहिं नित सेवा ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) भौंर खोजि जस पावै केवा । तुम्ह कारन मैं जिय पर छेवा ।—जायसी (शब्द॰) ।