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छोई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छोई † संज्ञा स्त्री॰ [ देशी छोइया, अथवा हिं॰ छोलना]

१. ईख की पत्तियाँ जो उसमें से छीलकर फेक दी जाती है ।

२. गन्ने की वह गडेरि या गन्ना जिसका रसचूसकर या पेरकर निकाललिया गया हो । बिना रसकी गडेरी । सीठी । खोई । उ॰—गाँडे की सी छोई कर डाले, रहन न देत मिठाई ।—कबीर॰ श॰, पृ॰ ७ ।